जीजा ने दी थी साले को जाली नोट छापने की ट्रेनिंग; एक ही नंबर के नोट छापे, पकड़ा गया

पठानकोट में नकली नोटों के साथ पकड़े गए गिरोह का मास्टरमाइंड सन्नी आठवीं पास था, पर आईटी व प्रिंटर्स की बेहतर जानकारी होने के कारण वह मिनटों में नकली नोट बना लेता था। सभी नोट असली की तरह दिखते हैं। बस आरोपी उनके नंबर नहीं बदल पाया और पकड़ा गया। सन्नी ने नोट बनाने की ट्रेनिंग अपने जीजा से ली थी। आधी ट्रेनिंग के दौरान जीजा ने सन्नी की बहन का कत्ल किया और फरार हो गया। पुलिस रिकार्ड में उसका जीजा फरार है। सन्नी के जीजा पर भी नकली नोट चलाने के केस दर्ज हैं। नोट का नंबर बदलने की जानकारी न होने से सन्नी ने जितने भी नोट छापे सभी पर सीरियल नंबर (5HS040510) ही है। जबकि, वाटर मार्क्स भी असली की तरह ही दिखता है। सन्नी हर माह 1 लाख की करेंंसी ही छापता था। 5 महीनों में सन्नी ने 5.5 लाख के नोट बनाए और उसे मार्केट में खपाने के लिए लोगों को बांटे थे। 2 हजार के 50 नकली नोटों की छपाई पर सन्नी को 7 हजार रुपए बचते थे।

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